गोपालगंज में नाव संचालन पर रोक से फसल हो रही बर्बाद, किसान परेशान

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गोपालगंज में नाव संचालन पर रोक से फसल हो रही बर्बाद, किसान परेशान

गोपालगंज में फसल की कटाई नहीं होने से किसानप्रशा में है

गोपालगंज के सदर प्रखंड के सैकड़ों किसानों की खेती गंडक की दूसरी तरफ बेतिया की सीमा में सैकड़ों एकड़ की खेती होती है। इस क्षेत्र में जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है। पिछले दिनों ड्रा हादसा होने से इसके संचालन पर रोक लग गई है।

गोपालगंज। कोरोना महामारी (कोरोना महामारी) को लेकर देश में लॉक डाउन (लॉकडाउन) जारी है। इस लॉक डाउन की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को है, जिनकी सारी जमातपुंजी खेतीबाड़ी में ही लगी है। गोपालगंज में नाव (नाव) हादसे के बाद ही सदर प्रखंड के मेहदिया गाँव में नावों के परिचालन पर रोक लगा दी गई थी। इसके चलते किसानों की फसल बर्बाद (फसल बर्बाद) हो रही है। वहीं दूसरी ओर अब नेपाल की सीमा से कोरोनावायरस के संक्रमण की सूचना की खबर के बाद गोपालगंज जिला प्रशासन ने भी उच्च प्रशंसा मोड पर है। पुलिस गंडक नदी के इलाके पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। इसके कारण अब लोगों का नाव से नदी की दूसरी तरफ अपने खेतों में जाने पर भी पाबंदी लग गयी है।

गोपालगंज में बीते 29 फरवरी को सदर प्रखंड के मेहंदिया गाँव में भीषण ड्रा हादसा हुआ था। इसमें आधा दर्जन लोगों की डूबकर मौत हो गई थी। हादसे की वजह छोटी नाव पर क्षमता से अधिक सवारी बिठाई गई थी। लिहाजा जिला प्रशासन ने हादसे के बाद से ही इस इलाके में गंडक नदी में किसी भी तरह के नाव के परिचालन पर रोक दी थी।

सदर प्रखंड के सैकड़ों किसानों की सैकड़ों एकड़ की खेती गंडक की दूसरी तरफ बेतिया की सीमा में होती है। इस क्षेत्र में जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है। अब किसानों की फसल पककर तैयार हो गयी है और नावों के परिचालन बंद होने के कारण वे नदी की दूसरी तरफ नहीं जा रहे हैं। जाहिर सी बात है कि उनकी फसल अब बर्बाद होने लगी है। किसानों ने बताया कि तेज हवा के कारण भी खेतों में खड़ी फसल हो रही है। फसल आग की भेंट चढ़ रही है। कोरोना महामारी को लेकर देश में ताला डाउन की घोषणा कर दी गयी।

कोरोनावायरस के संक्रमण की अफवाह से सख्ती से वृद्धि हुई हैकिसान किसी तरह गंडक नदी पार कर नदी के उसपर जाने की हिम्मत भी कर पाते हैं उसके पहले ही नेपाल की सीमा से बिहार में कोरोना के फ़ैलाने की कंप्यूटिंग की जानकारी मिली। इस जानकारी के सामने आते ही गोपालगंज जिला प्रशासन ने भी कड़ा कदम उठाते हुए नदी में किसी भी नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए नदी की दूसरी तरफ जाने पर भी पाबंदी लगा दी है। इसके कारण किसान बहुत परेशान हो रहे हैं। किसानों ने फसल की कटाई के लिए नावों के परिचालन को फिर से शुरू करने की मांग की है।

फसलों

गंडक की दूसरी ओर बेतिया की सीमा में सैकड़ों एकड़ की खेती होती है।

किसानों ने पुनः परिचालन की मांग नहीं की

सदर एसडीएम उपेंद्र कुमार पाल के मुताबिक मेहंदिया में नाव हादसे के बाद ही अनुबंधित नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन अभी तक किसानों ने नदी के उस पार जाने के लिए खेती के लिए नाव के संचालन को शुरू करने की मांग नहीं की है। अगर वे खेती और फसल के लिए अनुबंधित बूओं के संचालन की मांग करेंगे तो उसपर विचार किया जाएगा। वहीं सदर एसडीएम के मुताबिक नेपाल से कोरोनावायरस फ़ैलाने की सूचना के साथ साथ बेय्रट, मोतिहारी, सीवान और गोरखपुर से किसी भी व्यक्ति का प्रवेश गोपालगंज की सीमा में ना हो, यह सुनिश्चित करना है।

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प्रथम प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2020, 4:27 बजे IST


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